जम्मू, 30 नवंबर 2025: भारत के ऐतिहासिक ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने खुलासा किया है कि ऑपरेशन के डर से पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मौजूद 72 से अधिक आतंकी लॉन्चपैड को अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट कर दिया है। BSF ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का आदेश दिया तो दुश्मन को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए बल पूरी तरह तैयार है।
118 पाकिस्तानी चौकियां तबाह, सर्विलांस सिस्टम नेस्तोनाबूद
ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई 2025) के दौरान BSF ने जम्मू सेक्टर में पाकिस्तान की 118 चौकियां पूरी तरह बर्बाद कर दीं और उनके अत्याधुनिक सर्विलांस उपकरणों को भारी क्षति पहुंचाई। BSF के जम्मू फ्रंटियर IG शशांक आनंद ने कहा, “1965, 1971, कारगिल हो या ऑपरेशन सिंदूर – हर तरह के युद्ध का हमें भरपूर अनुभव है। हम पारंपरिक और हाइब्रिड दोनों तरह के युद्ध लड़ने को तैयार हैं।”
अभी भी 72 लॉन्चपैड एक्टिव, लेकिन सीमा से दूर

BSF DIG विक्रम कुंवर ने बताया कि अभी भी पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में करीब 72 आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय हैं। इनमें से 12 सियालकोट-जफरवाल क्षेत्र में हैं। ये लॉन्चपैड अब सीमा से काफी दूर हैं और केवल घुसपैठ के समय ही पूरी तरह सक्रिय होते हैं। आतंकियों को 2-3 के छोटे ग्रुप में रखा जाता है। पहले जैश और लश्कर अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों संगठनों ने संयुक्त ट्रेनिंग शुरू कर दी है।
पाक रेंजर्स भागे, अब वापस लौटने की मजबूरी
IG शशांक आनंद ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स अपनी चौकियों को छोड़कर भाग गए थे। अब स्थिति सामान्य होने के बावजूद वे डर के मारे पूरी तरह वापस नहीं लौट पा रहे। BSF की निगरानी में पाकिस्तान की हर गतिविधि है और फिलहाल सीमा पर आतंकियों की कोई संदिग्ध हलचल नहीं दिख रही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: “संतुलित लेकिन कड़ा जवाब दिया था”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नागरिक प्रशासन और सेना के शानदार तालमेल का उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि पहलगाम नरसंहार (22 अप्रैल 2025, 26 मारे गए) के बाद दिया गया जवाब बेहद संतुलित था, लेकिन पाकिस्तान के रवैये की वजह से सीमा पर तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अब हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है। BSF ने साफ कर दिया है – अगर फिर मौका मिला तो पाकिस्तान को पहले से कई गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाया जाएगा।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

