मराठी नहीं सीखने वाले मुंबई के ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स के खिलाफ 15 अगस्त के बाद महाराष्ट्र सरकार लेगी सख्त एक्शन

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य कर दिया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 अगस्त 2026 के बाद जिन ड्राइवरों के पास मराठी भाषा का प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनके खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चार घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण

परिवहन विभाग ने 1 जून से 15 अगस्त 2026 तक सभी गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए चार घंटे का ‘मराठी भाषा संवाद पाठ्यक्रम’ पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद चालकों को आधिकारिक संस्थाओं से प्रमाणपत्र लेना होगा।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य यात्रियों और ड्राइवरों के बीच भाषा की दूरी को कम करना है।

नि:शुल्क प्रशिक्षण और 71 स्टडी सेंटर्स

महाराष्ट्र राज्य मराठी भाषा विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ को इस कार्यक्रम के लिए अधिकृत संस्थाएं बनाया गया है। इनके माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में इस अभियान के लिए 71 अध्ययन केंद्र बनाए गए हैं। कोंकण मराठी साहित्य परिषद के करीब 4,500 शिक्षक प्रशिक्षण कार्य में शामिल हैं। सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) भी ड्राइवरों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

विभाग का बयान

परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त रवि गायकवाड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य:

  • यात्रियों और चालकों के बीच संवाद में आने वाली भाषा संबंधी बाधाएं दूर करना
  • सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना
  • ड्राइवरों के पेशेवर अवसरों को बेहतर बनाना

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उसका मकसद किसी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि सभी गैर-मराठी ड्राइवरों को समय रहते नि:शुल्क प्रशिक्षण लेकर प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

15 अगस्त के बाद क्या होगा?

15 अगस्त 2026 के बाद बिना मराठी प्रमाणपत्र वाले ड्राइवरों पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग केवल अधिकृत संस्थाओं द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को ही मान्यता देगा।

यह फैसला मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर तथा स्थानीय भाषा के प्रति सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

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