दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, पत्नी ने डिस्चार्ज की मांग की; 21 दिन की भूख हड़ताल जारी
नई दिल्ली, 19 जुलाई 2026: नीट परीक्षा घोटाले के खिलाफ जंतर-मंतर पर 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाया। अस्पताल में उनकी सेहत की जांच के बाद जारी मेडिकल बुलेटिन में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
डॉक्टरों ने क्या कहा?

एम्स दिल्ली के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने एएनआई से बात करते हुए कहा,
“मैंने सोनम वांगचुक की जांच की है। उनके सभी जरूरी हेल्थ इंडिकेटर नॉर्मल हैं। ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और नाड़ी की रफ्तार सामान्य है। वे पूरी तरह होश में हैं और ठीक से बात कर रहे हैं। हम लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उन्हें ड्रिप लेने के लिए समझा रहे हैं।”
सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बंबा ने बताया कि लंबे उपवास के कारण हल्की कमजोरी और डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं, लेकिन अन्य सभी वाइटल पैरामीटर सामान्य हैं।
पत्नी गीतांजलि का आरोप
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अस्पताल प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए तुरंत डिस्चार्ज करने की मांग की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अस्पताल में पोटैशियम लेवल 2.9 बताए जा रहे हैं, जबकि कल यह 4.3 था। उन्होंने कहा:

“बिना हमारी सहमति के उन्हें मुंह या नस से कोई दवा या तरल न दिया जाए। हम दूसरी लैब में जांच करवाना चाहते हैं।”
गीतांजलि ने यह भी कहा कि अगर सोनम 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल नहीं हो पाए तो वह खुद मार्च का नेतृत्व करेंगी।
भूख हड़ताल का 21वां दिन
सोनम वांगचुक ने 21 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान उनका वजन 9 किलोग्राम से ज्यादा घट चुका है। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा था,
“मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। मेरा दिमाग अभी भी पूरी तरह काम कर रहा है।”
अभिजीत दीपके का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने समर्थकों से 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- संजय सिंह (आप): “ये गुंडागर्दी है। मोदी सरकार का अहंकार जल्द खत्म होगा।”
- डिंपल यादव (सपा): “ये लोकतंत्र पर हमला है। शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं हो रहा।”
पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक को मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील की गई है।
मुख्य मांगें
- नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार
सोनम वांगचुक की सेहत पर नजर रखी जा रही है। उनकी पत्नी और समर्थक अस्पताल से जल्द डिस्चार्ज की मांग कर रहे हैं, ताकि 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च में वह शामिल हो सकें
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

