नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘टू कप सिस्टम’ वाले बयान पर बीजेपी नेताओं ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी की कथनी और करनी पर सवाल उठाए हैं। गिरिराज सिंह ने तो राहुल गांधी की जाति पर भी सवाल खड़े कर दिए।

राहुल गांधी ने एक वीडियो में आरोप लगाया था कि देश की कुछ चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। उनके मुताबिक दलितों को डिस्पोजेबल (पेपर या प्लास्टिक) कप में चाय दी जाती है, जबकि अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के दोबारा इस्तेमाल वाले कप में चाय परोसी जाती है।
इस बयान पर गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें पोस्ट कीं। इनमें राहुल गांधी एक जगह चीनी मिट्टी के कप में और दूसरी जगह पेपर कप में चाय पीते नजर आ रहे हैं। गिरिराज सिंह ने लिखा, “देखिए यहां भी मिक्स भेज हो गया। ये ना ब्राह्मण है ना दलित है। दोनों टाइप के कप में चाय पी रहा है। ना इसकी जात का पता है ना इसकी बात का।”
इससे पहले गिरिराज सिंह ने एक और पोस्ट में लिखा था कि वे दलित भाइयों को नमन और सलाम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस द्वारा मंदिर को मंच बनाकर ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगवाने और बाद में दलित भाइयों द्वारा उसी मंदिर का शुद्धिकरण करने का जिक्र किया था।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी के बयान वाले वीडियो को शेयर करते हुए हमला बोला। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के ‘झूठ की गूंज’। जनता अब भाषण नहीं, सच देख रही है। पात्रा ने वीडियो में राहुल गांधी के उस हिस्से को हाईलाइट किया जिसमें वे कहते हैं कि चाय की दुकान पर दो तरह के कप चलते हैं—एक शीशे का रीयूजेबल और दूसरा पेपर/प्लास्टिक का जिसे फेंक दिया जाता है। प्लास्टिक/पेपर वाला दलितों के लिए और कांच वाला बाकी लोगों के लिए।
राहुल गांधी के इस बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी जाति की राजनीति कर रहे हैं, जबकि खुद उनके व्यवहार में कोई स्थिरता नहीं दिखती।
रिपोर्ट :सुरेंद्र

