नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक हुई। इस बैठक में सरकार ने 6 नए महत्वपूर्ण बिलों को पेश करने और चर्चा के लिए समय तय किया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बैठक में संसदीय कार्यवाही का एजेंडा तय किया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का गठन किया। इस कमेटी का मुख्य काम संसद के सत्र के दौरान चर्चा के विषयों और बिलों के लिए समय आवंटित करना है। कमेटी में विभिन्न दलों के प्रमुख सदस्य शामिल हैं, जिनमें TMC, BJP, TDP, Congress, JD-U, DMK, Shiv Sena (UBT) और SP के सांसद शामिल हैं।
सरकार मॉनसून सत्र के दौरान 6 नए बिल पेश करने वाली है। इनमें डिजास्टर मैनेजमेंट लॉ में संशोधन संबंधी बिल भी शामिल है। ये बिल देश की विभिन्न क्षेत्रों जैसे आपदा प्रबंधन, आर्थिक सुधार, न्यायिक प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े हुए हैं।
मॉनसून सत्र की रूपरेखा
- सत्र की अवधि: 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक (अनुमानित)।
- मुख्य फोकस: नए बिलों पर चर्चा, लंबित विधेयकों पर विचार और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस।
- अन्य कार्य: केंद्रीय बजट पर चर्चा (यदि लंबित हो) और जम्मू-कश्मीर संबंधी मामलों पर भी विचार हो सकता है।
BAC की बैठक में तय किया गया कि सत्र के दौरान दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सुचारू रूप से कार्यवाही चले और प्रमुख बिलों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार का प्रयास है कि इन बिलों को जल्द से जल्द पास कराकर सुधारों को गति दी जाए।
6 बड़े बिलों की संभावित लिस्ट (सरकारी एजेंडा के आधार पर)

- डिजास्टर मैनेजमेंट (संशोधन) बिल – आपदा प्रबंधन कानून को और मजबूत बनाने के लिए। 2-6. अन्य बिल आर्थिक सुधार, MSME सेक्टर, इनकम टैक्स संबंधी सुधार, न्यायिक प्रक्रिया और नागरिक भागीदारी से जुड़े हो सकते हैं (BAC ने इनके लिए चर्चा का समय निर्धारित किया है)।
विपक्ष की भूमिका: विपक्षी दल भी सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करेंगे। BAC की बैठक में सभी दलों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया गया ताकि सत्र सुचारू रूप से चले।
यह बैठक मॉनसून सत्र की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सत्र के दौरान कुल कितने बिल पास होते हैं, यह BAC द्वारा तय समय-सीमा पर निर्भर करेगा। अधिक विस्तृत बिल लिस्ट और चर्चा कार्यक्रम की जानकारी सत्र शुरू होने के बाद उपलब्ध होगी। संसदीय कार्यवाही की निगरानी के लिए सभी सदस्यों को सक्रिय रहने की अपील की गई है।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

