नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं चाहते सीजेआई सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में बुलाना, याचिका भेजकर पुनर्विचार की मांग

हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नालसार) विश्वविद्यालय में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

2026 के दीक्षांत समारोह के कुछ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ईमेल के माध्यम से एक याचिका सौंपी है। इसमें उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को आमंत्रित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

बीबीसी ने इस मामले पर कुछ विद्यार्थियों से बात की। हालांकि वे अपना नाम बताना नहीं चाहते थे, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि ईमेल भेजा गया था। यह ईमेल प्रशासनिक पदों पर आसीन लोगों को भेजा गया था, जिनमें कुलपति और रजिस्ट्रार भी शामिल थे। 23 जुलाई को भेजी गई इस याचिका का मामला देर से सामने आया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विद्यार्थियों की आपत्तियां क्या हैं?

विद्यार्थियों ने अपने ईमेल में लिखा, “दीक्षांत समारोह में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को आमंत्रित किए जाने पर हमें कुछ आपत्तियां हैं। चूंकि तारीख अभी तय नहीं हुई है, इसलिए समझा जाता है कि मुख्य अतिथि के संबंध में विचार-विमर्श चल रहा है। इस संबंध में हमारे विचारों पर विचार किया जा सकता है।”

एक छात्र ने बताया कि ईमेल शुरू में कानून के विद्यार्थियों ने भेजा था, बाद में अन्य विभागों के छात्रों ने भी अपनी आपत्तियां जोड़ दीं।

विद्यार्थियों ने मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी का हवाला दिया जो उन्होंने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर दिल्ली में संसद की ओर मार्च करने वाले युवाओं और छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर कही थी। याचिका का जवाब देते हुए सीजेआई ने कहा था, “अपना समय बर्बाद न करें, हमारा समय भी बर्बाद न करें।”

विद्यार्थियों का कहना है कि पुलिस बर्बरता के आरोपों से इनकार करने वाले व्यक्ति से डिग्री प्राप्त करना उन मूल्यों के विपरीत है जो उन्हें नालसार में सिखाए गए। ईमेल में लिखा गया, “कानून के विद्यार्थियों के रूप में हमारी चिंता सीमित है। स्नातक समारोह विश्वविद्यालय के मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों, न्याय और याचिकाओं की स्वीकृति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

छात्रों ने विश्वविद्यालय से अनुरोध किया है कि मुख्य अतिथि के चयन पर छात्र प्रतिनिधियों या अन्य हितधारकों के साथ उचित चर्चा की जाए।

विश्वविद्यालय का रुख

बीबीसी ने नालसार के कुलपति श्रीकृष्ण देव राव और रजिस्ट्रार एन. वसंती से संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

इस बीच द हिंदू ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत 2 अगस्त को मुंबई में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे, लेकिन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। टीआईएसएस ने 31 जुलाई को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए स्थगन की घोषणा की थी।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

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