दिल्ली में Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में विसंगतियों के चलते पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, मनीष सिसोदिया समेत कई बड़े नामों को नोटिस जारी किए गए हैं। आडवाणी के परिवार और सिसोदिया के परिजनों तक नोटिस पहुंचे हैं।
जिन प्रमुख मतदाताओं को ‘विसंगति’ के आधार पर नोटिस मिला है, उनमें शामिल हैं:
- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
- लालकृष्ण आडवाणी
- मनीष सिसोदिया
- एस. जयशंकर
- चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री
- नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया
- SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे
- बीजेपी विधायक कैलाश गहलोत
- सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी
- CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद
- दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग
आडवाणी परिवार
98 वर्षीय आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को 2002 की SIR सूची से नाम मैच न होने के कारण नोटिस मिला। बेटे जयंत ने मिलान प्रक्रिया पूरी कर ली थी। चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
सिसोदिया परिवार
मनीष सिसोदिया, पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस भेजा गया। मीर के नोटिस में माता-पिता के नाम में विसंगति का जिक्र है, जबकि सीमा के नोटिस में उनके नाम में फर्क बताया गया है।
केजरीवाल और रेखा गुप्ता भी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए। रेखा गुप्ता की प्रविष्टि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मान्य कर दी गई है और उनका नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा।
दिवंगत विवेक देबरॉय का भी नाम
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व चेयरमैन विवेक देबरॉय (जिनका 2024 में निधन हो चुका है) का नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट में था। अधिकारी ने बताया कि VIP/VVIP वाली ‘फ्लैग्ड लिस्ट’ में नाम रखने का निर्देश था, ताकि दावे-आपत्ति के दौरान दस्तावेज जुटाए जा सकें। अंतिम सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मतदाताओं द्वारा दिए गए तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
रिपोर्ट :सुरेंद्र
आडवाणी से जयशंकर, सिसोदिया से केजरीवाल तक… दिल्ली की वोटर लिस्ट में VIP गड़बड़ी का खुलासा!
दिल्ली में Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में विसंगतियों के चलते पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, मनीष सिसोदिया समेत कई बड़े नामों को नोटिस जारी किए गए हैं। आडवाणी के परिवार और सिसोदिया के परिजनों तक नोटिस पहुंचे हैं।
जिन प्रमुख मतदाताओं को ‘विसंगति’ के आधार पर नोटिस मिला है, उनमें शामिल हैं:
- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
- लालकृष्ण आडवाणी
- मनीष सिसोदिया
- एस. जयशंकर
- चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री
- नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया
- SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे
- बीजेपी विधायक कैलाश गहलोत
- सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी
- CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद
- दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग
आडवाणी परिवार
98 वर्षीय आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को 2002 की SIR सूची से नाम मैच न होने के कारण नोटिस मिला। बेटे जयंत ने मिलान प्रक्रिया पूरी कर ली थी। चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
सिसोदिया परिवार
मनीष सिसोदिया, पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस भेजा गया। मीर के नोटिस में माता-पिता के नाम में विसंगति का जिक्र है, जबकि सीमा के नोटिस में उनके नाम में फर्क बताया गया है।
केजरीवाल और रेखा गुप्ता भी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए। रेखा गुप्ता की प्रविष्टि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मान्य कर दी गई है और उनका नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा।
दिवंगत विवेक देबरॉय का भी नाम
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व चेयरमैन विवेक देबरॉय (जिनका 2024 में निधन हो चुका है) का नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट में था। अधिकारी ने बताया कि VIP/VVIP वाली ‘फ्लैग्ड लिस्ट’ में नाम रखने का निर्देश था, ताकि दावे-आपत्ति के दौरान दस्तावेज जुटाए जा सकें। अंतिम सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मतदाताओं द्वारा दिए गए तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
रिपोर्ट :सुरेंद्र

