ट्रेन में दिव्यांगों के रिजर्व डिब्बे में सिर्फ ये दो ही लोग यात्रा कर सकते हैं! रेलवे बोर्ड ने सख्ती से साफ किया

नई दिल्ली: अब दिव्यांगों के लिए रिजर्व SLRD और LSLRD कोच में घुसकर बैठने वालों की खैर नहीं! भारतीय रेलवे बोर्ड ने साफ-साफ निर्देश जारी कर दिया है कि इन विशेष डिब्बों में केवल दो ही श्रेणी के यात्री वैध रूप से यात्रा कर सकते हैं।

रेलवे बोर्ड के हालिया सरकुलर में सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि SLRD (Second Class Luggage cum Disabled Reserved) और LSLRD (Ladies Special Luggage cum Disabled Reserved) कोच में सिर्फ निम्नलिखित दो श्रेणियों के यात्री ही ‘बोनाफाइड पैसेंजर’ माने जाएंगे:

कौन-कौन यात्रा कर सकता है?

  1. UDID कार्ड धारक दिव्यांगजन – दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPWD) द्वारा जारी वैध Unique Disability ID (UDID) कार्ड रखने वाले सभी दिव्यांग यात्री।
  2. रियायती किराया सुविधा पाने वाले दिव्यांग – जिन दिव्यांगों को भारतीय रेलवे द्वारा कन्सेशनल फेयर (रियायती टिकट) की सुविधा दी गई है।

महत्वपूर्ण बात

रेलवे ने साफ किया है कि सिर्फ UDID कार्ड या रियायत होना ही काफी नहीं। इन दोनों श्रेणियों के यात्रियों के पास वैध रेलवे टिकट या अधिकार पत्र (E-ticket/Reservation Chart में नाम) होना अनिवार्य है। बिना टिकट के सिर्फ कार्ड दिखाकर यात्रा करने की इजाजत नहीं है।

अब सख्त कार्रवाई

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि यदि कोई अनधिकृत यात्री इन दिव्यांग रिजर्व कोचों में पाया गया तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम 1989 की संबंधित धाराओं के तहत तुरंत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया गया है क्योंकि अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों में गार्ड डिब्बे से जुड़े इन कोचों में सामान्य यात्री घुसकर दिव्यांगों की सीटें कब्जा लेते थे, जिससे असली दिव्यांग यात्रियों को परेशानी होती थी।

रेलवे का संदेश साफ है: दिव्यांगों के हित में रिजर्व सुविधा है, इसे किसी भी कीमत पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।रेलवे बोर्ड का कमर्शियल सर्कुलर नंबर 11/2026 (दिनांक 02.04.2026) और संबंधित आधिकारिक रिपोर्ट्स।

यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू है। यदि आप दिव्यांग यात्री हैं तो UDID कार्ड और वैध टिकट साथ रखना न भूलें।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

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