IIT बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या: अभिजीत दीपके भड़के, इंसाफ की मांग तेज

मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने हाल ही में अपने हॉस्टल कमरे में आत्महत्या कर ली। संस्थान के आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर जानने की कोशिश की थी।

संस्थान का कहना है कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। विभागाध्यक्ष और संबंधित शिक्षक ने छात्र से बात की, उसे समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद छात्र अपने कमरे में लौट गया और शाम को मृत पाया गया।

इस घटना के बाद कैंपस में शोक का माहौल छा गया। 400 से अधिक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन सच्चाई छिपा रहा है और छात्र को सस्पेंशन की धमकी दी गई थी, जिसके कारण मानसिक दबाव बढ़ा। छात्रों ने डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष बी. केदारे के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शन के बाद मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।

छात्र की मां ने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में भी छात्र मर रहे हैं और मुंबई जैसे बड़े शहर में भी। यह संकट हर जगह फैला हुआ है। छात्रों की जिंदगी को प्राथमिकता देने से पहले और कितने छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी?”

IIT बॉम्बे के डायरेक्टर ने घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में पूरी जवाबदेही तय की जाएगी। संस्थान ने आधिकारिक बयान में दुख व्यक्त किया और प्रभावित छात्रों व परिवार को सहायता देने की बात कही। पवई कैंपस में पिछले छह महीने में यह तीसरा आत्महत्या का मामला है।

यह घटना उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई के दबाव, मानसिक स्वास्थ्य और AI के परीक्षा में इस्तेमाल को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!