नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीक के विरोध में संसद के पास हुए छात्र प्रदर्शन पर कविता के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब हुकूमतों का घमंड-गुरूर पर्वत सा बन जाता है, तब इंकलाब आता है।
अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक कविता पोस्ट करते हुए लिखा:
“निराशा में आँख का पानी, जब समुंदर बन जाता है ‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
कोई अपनी ताक़त पर, जब सर उठा इठलाता है ‘इंक़लाब’ तब आता है!
हुकूमतों का घमंड-गुरूर, जब पर्वत सा बन जाता है ‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
दौर जब नाइंसाफी का, हद ही पार कर जाता है..‘इंक़लाब’ तब आता है!
जब-जब देश का भविष्य…पूरा दांव पर लग जाता है..‘इंकलाब’ तब आता है!!!”
प्रदर्शन की स्थिति
कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्रों का मार्च आज 20 जुलाई को संसद भवन की ओर निकाला गया था। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद भवन के पास ही रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर संसद का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया।

छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात भी की है।अखिलेश यादव की कविता के जरिए की गई यह टिप्पणी वर्तमान राजनीतिक माहौल में काफी चर्चा में है।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

