नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मामले में मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की बजाय धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है, जबकि सरकार का मौन शर्मनाक है।
प्रियंका गांधी ने कहा, “भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है, जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे compromised प्रधानमंत्री न तो देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं और न ही देश की संप्रभुता की।”
कांग्रेस का सरकार पर लगातार हमला

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगातार सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि सरकार को अमेरिका से साफ तौर पर माफी मांगनी चाहिए थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि किसी संघर्ष में तीसरे देश के कमर्शियल जहाज पर हमला नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बयान में सहानुभूति की पूरी कमी थी और बेवजह टकराव वाला रवैया अपनाया जा रहा है। तिवारी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत का विवरण सार्वजनिक करने और भारत का पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले टैंकर MT सेटेबेलो पर हमला किया था। अमेरिका का आरोप था कि जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का उल्लंघन किया। हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुआ, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है।
जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं और उनके शव भारत लाए जाएंगे।
प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेताओं के तीखे हमलों के बाद अब सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले में भारत के हितों की मजबूती से रक्षा करे और मृत नाविकों के परिवारों को न्याय दिलाए।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

