नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। उनके साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल समेत कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़ दी और BJP में विलय कर लिया।
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP अब अपनी स्थापना के मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से पूरी तरह भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब देशहित या जनता के हित में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है। चड्ढा ने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा देश की सेवा को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में देश को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है, जो मुझे प्रधानमंत्री मोदी जी में दिखाई देता है।”
BJP में स्वागत
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन (नितिन नबीन) ने पार्टी मुख्यालय में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बीजेपी इसे अपनी संसदीय ताकत बढ़ाने और खासकर पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मान रही है।

AAP को बड़ा नुकसान
यह घटनाक्रम AAP के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उसके कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 (दो-तिहाई से ज्यादा) ने पार्टी छोड़ दी। राघव चड्ढा कुछ समय पहले ही पार्टी में उपनेता पद से हटाए गए थे, जिसके बाद पार्टी के अंदर तनाव बढ़ गया था।
AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने इस पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजेपी ने एक बार फिर पंजाबियों को धोखा दिया।”
राजनीतिक विश्लेषक इसे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अवसरवाद की राजनीति करार दे रहा है।
यह विकास 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले AAP की रणनीति और संगठन पर सवाल खड़े करता है। बीजेपी की ओर से इसे “राष्ट्र निर्माण” में योगदान के रूप में देखा जा रहा है
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

