नई दिल्ली/लद्दाख: पर्यावरण कार्यकर्ता और लद्दाख के प्रमुख आवाज सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के लंबे अनशन को गुरुवार-शुक्रवार की रात समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
वांगचुक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,

“अभी-अभी केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख के एपेक्स बॉडी के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला कई शर्तों पर लंबी चर्चा के बाद और देश में हिंसा की आशंका को देखते हुए लिया गया है। वांगचुक ने कहा कि वे जल्द ही एक वीडियो जारी करके पूरी बात देश के सामने रखेंगे।
“सतर्क रहें, हिंसा न होने दें”
अनशन समाप्त करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की: “इस बीच, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें।”
नड्डा का आश्वासन

बैठक में जे.पी. नड्डा ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से भरोसा दिलाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध करने वाले और 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने अनशन समाप्त होने पर खुशी जताते हुए कहा, “हम खुश हैं। हमने कल भी पत्र लिखकर सोनम सर से उपवास खत्म करने का अनुरोध किया था। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। हम बहुत खुश हैं कि सरकार हमारा अनुरोध मान गई है कि बातचीत न्यूट्रल जगह पर हो।”
सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले सहित लद्दाख के पर्यावरणीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने भी उन्हें अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।
अभी देश भर में इस खबर पर चर्चा तेज है। वांगचुक के वीडियो बयान का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें वे अनशन तोड़ने की शर्तों की विस्तृत जानकारी देंगे।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

