कोलकाता: Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) भारतीय नौसेना के लिए पहला नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) लॉन्च करने जा रहा है। यह स्वदेशी युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की मजबूत मिसाल होगा।
लॉन्चिंग कार्यक्रम 20 मई 2026 को कोलकाता में आयोजित होगा। इस मौके पर भारतीय नौसेना के वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल संजय वत्सयान मुख्य अतिथि होंगे, जबकि उनकी पत्नी सरिता वत्सयान युद्धपोत का शुभारंभ करेंगी।
NGOPV की खासियतें
GRSE कुल चार अत्याधुनिक NGOPV का निर्माण कर रहा है। इन जहाजों में बड़ी संख्या में स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
नए NGOPV पुराने OPV से ज्यादा ताकतवर:
- लंबाई: 113 मीटर
- चौड़ाई: 14.6 मीटर
- वजन: लगभग 3,000 टन
- अधिकतम गति: 23 नॉट्स
- 14 नॉट्स की रफ्तार पर 8,500 नॉटिकल माइल तक की दूरी तय करने की क्षमता
इन जहाजों पर 24 अधिकारी और 100 से अधिक नौसैनिक तैनात रहेंगे।
बहु-उद्देशीय भूमिका

NGOPV न केवल समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा बल्कि एंटी-पायरेसी, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता, समुद्री तस्करी रोकथाम, घुसपैठ विरोधी अभियान और आपदा राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें अस्पताल जहाज और संचार खुफिया (COMINT) प्लेटफॉर्म के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा।
GRSE पहले भी भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए कई ऑफशोर पेट्रोल वेसल बना चुका है। वर्ष 2014 में मॉरीशस को सौंपा गया MCGS Barracuda भारत का पहला निर्यातित युद्धपोत था, जिसके डिजाइन के लिए GRSE को रक्षा मंत्री का उत्कृष्टता पुरस्कार मिला था।
नए NGOPV जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और दूरस्थ क्षेत्रों में संचालन क्षमता बढ़ने वाली है।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

