हेडिंग:समुद्र के नीचे बनेगी बुलेट ट्रेन की सुरंग! बीकेसी-सावली के बीच 16 किमी टनल के लिए शुरू हुआ 2 TBM का असेंबली काम

मुंबई: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी प्रगति हुई है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और सावली (घनसोली के पास) के बीच बनने वाली 16 किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण के लिए दो टनल बोरिंग मशीनों (TBM) को नीचे उतारने और उनका असेंबल करने का काम शुरू हो गया है।

इस परियोजना के तहत बीकेसी से शिलफाटा के बीच कुल 21 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है, जिसमें भारत की पहली 7 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे की सुरंग भी शामिल है। यह सुरंग ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरेगी।

अभी तक की प्रगति

  • 21 किमी में से 5 किमी सुरंग NATM (New Austrian Tunneling Method) तरीके से पहले ही पूरी हो चुकी है।
  • बाकी 16 किमी सुरंग TBM की मदद से बनाई जाएगी।

सुरंग की खासियतें

  • सिंगल-ट्यूब डिजाइन: 13.1 मीटर व्यास वाली एक ही सुरंग में दो ट्रैक बनाए जाएंगे।
  • गहराई: जमीन से 25 से 57 मीटर गहरी, सबसे गहरा बिंदु पारसिक पहाड़ी के नीचे 114 मीटर।
  • मुख्य शील्ड का पहला हिस्सा (170 मीट्रिक टन वजन, 8.66 मीटर लंबा) विक्रोली में 56 मीटर गहराई पर उतारा गया है।

TBM की तकनीकी डिटेल्स

  • प्राप्त TBM की संख्या: 2
  • TBM-1 वजन: 3080 टन
  • TBM-2 वजन: 3184 टन
  • प्रकार: मिक्स शील्ड / स्लरी आधारित
  • प्रत्येक TBM की लंबाई: 95.32 मीटर
  • अधिकतम खुदाई गति: 49 मिलीमीटर प्रति मिनट
  • प्रारंभिक ड्राइव: जुलाई 2026
  • मुख्य ड्राइव: अक्टूबर 2026

शाफ्ट की व्यवस्था

TBM को नीचे उतारने के लिए तीन शाफ्ट तैयार किए गए हैं:

  • शाफ्ट 1: बीकेसी (रिट्रीवल शाफ्ट)
  • शाफ्ट 2: विक्रोली
  • शाफ्ट 3: सावली (घनसोली के पास)

दोनों TBM को पूरी तरह असेंबल और कमीशन करने के बाद सुरंग खुदाई का काम तेजी से शुरू होगा। इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय मात्र 2 घंटे रह जाएगा।यह विकास बुलेट ट्रेन प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

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