सत्यमेव जयते : टूटेगा 4PM पर पाबंदी का सरकारी ताला!

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस, 14 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

लखनऊ। 4PM न्यूज नेटवर्क पर लगी सरकारी पाबंदी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। एडवोकेट कपिल सिब्बल समेत दिग्गज वकीलों की दलीलों के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 14 अप्रैल को अगली सुनवाई तय की है। इस फैसले के साथ ही इतिहास खुद को दोहराता नजर आ रहा है, क्योंकि इससे पहले भी 4PM चैनल पर इसी तरह अचानक पाबंदी लगाई गई थी, जो अदालती हस्तक्षेप के बाद हटी थी।

कपिल सिब्बल की दलीलों में फंस गया सिस्टम

दिल्ली हाईकोर्ट में 4PM न्यूज चैनल के संपादक संजय शर्मा की ओर से कपिल सिब्बल, हैदर रिजवी और तल्हा अब्दुल रहमान ने मोर्चा संभाला। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि चैनल को बिना कोई लिखित आदेश दिए या कारण बताए अचानक ब्लॉक कर दिया गया। साथ ही 26 वीडियो भी उसी दिन हटा दिए गए।

जस्टिस ने सीधे सरकार से पूछा- क्या नोटिस जारी किया गया था? जवाब “नहीं” में मिलने के बाद कोर्ट का रुख सख्त हो गया। सरकार अभी तक कोर्ट में ठोस जवाब देने में नाकाम रही है।

लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी?

यह मामला अब केवल 4PM न्यूज चैनल तक सीमित नहीं रह गया है। यह इंटरनेट पर सवाल पूछने वाली हर आवाज की लड़ाई बन चुका है।

वकीलों ने तर्क दिया कि अगर बिना कारण बताए एक स्थापित न्यूज चैनल को ब्लॉक किया जा सकता है, तो कल कोई भी छोटा क्रिएटर, स्वतंत्र पत्रकार या आम नागरिक अपनी राय रखने से पहले सोचेगा।

सबसे गंभीर मुद्दा: जिस सामग्री के आधार पर कार्रवाई की गई, उसकी जानकारी आज तक चैनल को नहीं दी गई है। न पारदर्शिता, न जवाबदेही- सिर्फ अचानक कार्रवाई।

पहले भी हुआ था ऐसा, अदालत ने खोला था ताला

यह पहली बार नहीं है जब 4PM न्यूज पर पाबंदी लगाई गई हो। पहले भी चैनल को अचानक ब्लॉक किया गया था। तब भी अदालत के हस्तक्षेप के बाद चैनल बहाल हुआ था। आज फिर वही कहानी दोहराई जा रही है।

कोर्ट ने इस बार भी साफ संकेत दिया है कि बिना प्रक्रिया का पालन किए किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

संपादक संजय शर्मा का खुला एलान

4PM न्यूज के संपादक संजय शर्मा ने लाइव शो में सिस्टम को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा:

  • चैनल किसी गलती की वजह से नहीं, बल्कि सवाल पूछने की वजह से बंद किया गया।
  • उन्हें ब्लॉक होने की सूचना यूट्यूब से मिली, सरकार ने सीधे कोई कारण नहीं बताया।
  • अगर कोई कंटेंट आपत्तिजनक था तो उसे हटाया जा सकता था, पूरे चैनल को बंद करना लाखों दर्शकों की आवाज को कुचलने की कोशिश है।

संजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार से जवाब मांगना उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है।

अब सबकी नजर 14 अप्रैल पर

14 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई सिर्फ 4PM न्यूज चैनल की बहाली तक सीमित नहीं होगी। यह तय करेगी कि क्या सरकार बिना जवाबदेही के किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद कर सकती है या नहीं। यह लड़ाई अब पारदर्शिता बनाम ताकत और लोकतंत्र की बुनियाद की लड़ाई बन चुकी है।

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!