वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका-ईरान युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि दोनों देश अब करीबी सहयोग करेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि ईरान “सफल सत्ता परिवर्तन” (Regime Change) के दौर से गुजर चुका है।

ट्रंप ने कहा कि अब ईरान में यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) नहीं होगा और अमेरिका ईरान के साथ मिलकर भूमिगत परमाणु सामग्री को बाहर निकालने में मदद करेगा। पूरे क्षेत्र पर सख्त सैटेलाइट निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई गतिविधि छिप न सके।
टैरिफ, प्रतिबंधों और समझौते पर बात
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ टैरिफ और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कुल 15 मुद्दों में से कई बिंदुओं पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है।
चीन की भूमिका
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग (Mao Ning) ने कहा कि चीन मध्य पूर्व में शांति स्थापना के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। चीन संघर्ष-विराम और बातचीत को बढ़ावा दे रहा है तथा खाड़ी क्षेत्र समेत पूरे क्षेत्र में स्थिरता लाने में रचनात्मक योगदान देगा।
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि चीन ने ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की है। चीन खुद को इस मुद्दे पर मध्यस्थ और संतुलनकारी शक्ति के रूप में पेश कर रहा है।
युद्ध के बाद सीजफायर
गौरतलब है कि लगभग 40 दिनों तक चले अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के बाद बुधवार सुबह दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा की गई। इसमें चीन की भूमिका को अहम माना जा रहा है। इस सीजफायर से होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट खत्म हो सकता है और मध्य पूर्व में तनाव कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह समझौता कितना स्थायी साबित होता है, यह साफ हो जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम देखे जा रहे हैं।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

