नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2025: भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2024-25 में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इस दौरान कुल 1617.38 मीट्रिक टन मूल माल लदान हासिल किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 के 1590.68 मीट्रिक टन की तुलना में 26.70 मीट्रिक टन यानी 1.68% अधिक है। खास तौर पर घरेलू कंटेनर लोडिंग में 19.72% और घरेलू कोयले की लोडिंग में 7.4% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जिससे बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक 57 मीट्रिक टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

भारतीय रेल देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हो रही है, जो बिजली संयंत्रों के लिए कोयला, इस्पात उद्योग के लिए लौह अयस्क, निर्माण के लिए सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों जैसे थोक माल की ढुलाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रेल परिवहन की किफायती प्रकृति ने व्यवसायों की रसद लागत को कम करने में मदद की है, जिससे भारतीय सामान घरेलू और वैश्विक बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं।
प्रमुख वस्तुओं और क्षेत्रीय प्रदर्शन में वृद्धि
घरेलू कंटेनर लोडिंग में गनी बोरे, हॉट रोल्ड कॉइल, सिरेमिक टाइलें, वॉल केयर पुट्टी और चावल पांच प्रमुख वस्तुएं रहीं। इसके अलावा, उर्वरक लोडिंग में 1.25% और पेट्रोलियम तेल (पीओएल) लोडिंग में 0.61% की बढ़ोतरी हुई। क्षेत्रीय रेलवे के प्रदर्शन में पूर्व रेलवे 16.11% की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने 7.28%, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 4.21%, उत्तर रेलवे ने 3.89% और पूर्व मध्य रेलवे ने 2.82% की वृद्धि हासिल की।
कोयले की रिकॉर्ड लोडिंग से ऊर्जा क्षेत्र को बल
कोयले की प्रभावशाली लोडिंग के चलते बिजली घरों में कोयले का स्टॉक अब तक के उच्चतम स्तर 57 मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि ऊर्जा सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भारतीय रेल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
रेलवे का यह विशाल नेटवर्क खदानों, कारखानों, कृषि क्षेत्रों और बंदरगाहों को बाजारों से जोड़कर आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बना रहा है, जिससे देश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है।
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार
