पटना, 03 अप्रैल 2025: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर चल रही बहस और अपने वायरल वीडियो पर सफाई दी है। लोकसभा में बुधवार, 02 अप्रैल 2025 को यह विधेयक पास होने के बाद उठे विवाद के बीच लालू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “संघी-भाजपाई नादानों, तुम मुसलमानों की जमीनें हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वक़्फ की जमीनें बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में मदद की है।”

लालू यादव ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, “मुझे अफसोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूं। अन्यथा अकेला ही काफी था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही वह सदन में मौजूद न हों, लेकिन लोगों के विचारों, ख्वाबों और चिंताओं में उनकी मौजूदगी बरकरार है। उन्होंने अपनी विचारधारा और सिद्धांतों के प्रति अडिगता को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
2010 का वायरल वीडियो बना चर्चा का केंद्र
दरअसल, वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान लालू यादव का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यह वीडियो 07 मई, 2010 का है, जब लालू यादव ने संसद में वक्फ बोर्ड की जमीनों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा था, “देखिए, बहुत सख्त कानून बनना चाहिए। जितनी भी जमीनें हड़पी गई हैं। ऐसा नहीं है कि कोई खेती की जमीन है। पटना में डाक बंगले पर जितनी भी संपत्ति थी, उसे अपार्टमेंट में बदल दिया गया है। इसे सामने लाइए। हम आपका संशोधन पास करेंगे।” इस वीडियो को बीजेपी और उनके सहयोगी दलों ने खूब शेयर किया और लालू यादव पर उनके मौजूदा रुख को लेकर तंज कसा।
बीजेपी का पलटवार और राजनीतिक बहस
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट डाले गए। इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया, वहीं बीजेपी नेताओं ने लालू यादव के पुराने बयान को आधार बनाकर उन पर दोगलेपन का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं का कहना था कि लालू यादव ने 2010 में वक्फ के लिए सख्त कानून की वकालत की थी, लेकिन अब उनकी पार्टी इस संशोधन का विरोध कर रही है, जो राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है।
लालू का जवाब: ‘हमारी नीति में स्थिरता’
लालू यादव ने अपने बयान से साफ किया कि उनका मकसद हमेशा से वक्फ की जमीनों को बचाना रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अल्पसंख्यकों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान न केवल उनके 2010 के वीडियो पर सफाई है, बल्कि बीजेपी पर हमले का एक मौका भी बन गया है। लालू ने यह संदेश भी दिया कि अगर वह संसद में होते, तो इस विधेयक के खिलाफ मजबूती से लड़ते।
विधेयक पर जारी है विवाद
वक्फ संशोधन विधेयक अब राज्यसभा में चर्चा के लिए जाएगा, जहां बीजेपी को अपने सहयोगियों के साथ बहुमत साबित करना होगा। इस बीच, लालू यादव का यह बयान और उनका वायरल वीडियो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष इसे संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों पर हमला बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने वाला कदम करार दे रहा है।
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार
