अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने एक बेहद विवादास्पद और चौंकाने वाला बयान दिया है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तंत्र-मंत्र के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वशीकरण कराया था। आचार्य के अनुसार, ध्यान लगाने पर उन्हें यह “पता चला” कि इसी प्रभाव के कारण हाल के UGC (University Grants Commission) के विवादित नियम बने थे।

उन्होंने आगे कहा, “हमने वैदिक पाठ और अनुष्ठान किया है, अब मोदी जी पर कोई वशीकरण का असर नहीं रहेगा।” यह बयान UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगने के ठीक बाद आया है, जिसे उन्होंने अपने हवन-यज्ञ से जोड़कर पेश किया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कथित तौर पर ऐसा संकेत दिया था, हालांकि यह एक फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित लगता है।
परमहंस आचार्य अक्सर अपनी राजनीतिक और धार्मिक टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। उनका यह ताजा बयान भी कोई वैज्ञानिक या तथ्यात्मक आधार नहीं रखता, बल्कि अंधविश्वास और अतिरंजित दावों का उदाहरण बन गया है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे जमकर ट्रोल कर रहे हैं:
- कई ने इसे “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” का नया अध्याय बताया।
- मीम्स और मजाकिया कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जैसे “ट्रंप को भी वशीकरण कर लो” या “अब ट्रंप पर तंत्र-मंत्र आजमाओ”।
- कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक साजिश या ध्यान भटकाने का तरीका माना, जबकि ज्यादातर इसे हास्यास्पद बता रहे हैं।
यह घटना UGC नियमों के विवाद (जिसमें समानता और आरक्षण से जुड़े प्रावधान थे) के बीच आई है, लेकिन आचार्य का दावा पूरी तरह से आधारहीन और मनोरंजन का स्रोत बन गया है। कोई आधिकारिक पुष्टि या सबूत नहीं है, और यह बयान मुख्य रूप से वायरल वीडियो क्लिप्स के जरिए फैल रहा है।
कुल मिलाकर, परमहंस आचार्य का यह “बेबुनियादी” बयान एक बार फिर से हंसी-मजाक और आलोचना का केंद्र बन गया है, लेकिन इसमें कोई गंभीरता या सच्चाई नजर नहीं आती।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

