नासिक से मुंबई तक किसानों का पैदल मार्च, अपनी मांगों को लेकर सरकार पर बनाया दबाव

Maharashtra Farmers Protest: नासिक से मुंबई की ओर किसानों और मजदूरों ने जमीन के अधिकार, सिंचाई सुविधाएं और बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर पैदल मार्च शुरू किया. मांगें न मानने पर राज्य सचिवालय का घेराव करेंगे.

नासिक से मुंबई की ओर रविवार (25 जनवरी) को किसानों और खेत मजदूरों का एक बड़ा पैदल मार्च शुरू हुआ. जमीन के अधिकार, सिंचाई की पुख्ता व्यवस्था और लगातार बिजली आपूर्ति जैसी मांगों को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं. यह मार्च मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में निकाला जा रहा है.

मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी हाथों में लाल झंडे लिए हुए हैं और सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया. किसानों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी जमीनी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर रास्ते में उनकी मांगों पर गंभीर बातचीत नहीं हुई, तो वे मुंबई पहुंचकर राज्य सचिवालय का घेराव करेंगे.

बड़े नेता भी मार्च में शामिल

इस मार्च में माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले भी शामिल हैं. उनके साथ सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.एल. कराड भी किसानों के साथ पैदल चल रहे हैं. नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ मांगों की सूची नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है.

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें

किसानों की प्रमुख मांगों में वन अधिकार कानून को पूरी तरह लागू करना, ‘पेसा’ कानून के तहत आदिवासी इलाकों में जमीन के अधिकार सुनिश्चित करना, लंबित सिंचाई योजनाओं को पूरा करना और सोयाबीन व मक्का जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी शामिल है. किसानों का कहना है कि इन मुद्दों पर देरी से उनकी आजीविका लगातार प्रभावित हो रही है.

मुंबई तक पहुंचने का संकल्प

पूर्व विधायक जे. पी. गावित ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपने साथ राशन और जरूरी सामान रखा है. उनका कहना है कि किसान और मजदूर मुंबई तक पहुंचने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और जब तक समाधान नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा.

रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

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