बढ़ रहा चुनावी कदाचार, उठो उखाड़ फेंको सरकार : कांग्रेस की जनता से सीधी अपील – एकजुट होकर मोदी सरकार की गलत नीतियों का विरोध करो
नई दिल्ली | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 26 नवंबर यानी संविधान दिवस को इस बार ‘संविधान बचाओ दिवस’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है। पार्टी का दावा है कि मौजूदा भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान पर लगातार हमले कर रही है, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है।

कांग्रेस ने देश की जनता से सीधी अपील की है – “एकजुट होकर सरकार की तानाशाही और गलत नीतियों का विरोध करो, लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़क पर उतरो।”
कांग्रेस के गंभीर आरोप
पार्टी ने अपने आधिकारिक पत्र में केंद्र सरकार पर ये गंभीर आरोप लगाए हैं:
- व्यवस्थित रूप से वोटों की चोरी
- चुनावी कदाचार में बढ़ोतरी
- संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग
- मतदाता सूची में हेरफेर के लिए संदिग्ध ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)’ का इस्तेमाल
- न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संविधान के मूल्यों पर हमला
कांग्रेस का कहना है कि ये सब मिलकर संविधान की आत्मा को खतरे में डाल रहे हैं।
पूरे देश में कार्यक्रमों का प्लान
- सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालयों और जिला मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम
- सेमिनार, संगोष्ठी, चर्चा सभाएं और जन जागरण अभियान
- अधिकतम कार्यकर्ता भागीदारी के साथ अनुशासित और गंभीर अंदाज में आयोजन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने सभी राज्य इकाइयों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस बार संविधान दिवस को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकने का दिन बनाया जाए।
जनता से सीधी अपील
पार्टी ने कहा –
“यह हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है कि संविधान और उसकी संस्थाओं की रक्षा करें। अब चुप्पी नहीं, संघर्ष का समय है। उठो, एकजुट हो और सरकार को उखाड़ फेंको।”
26 नवंबर 2025 को देश भर में कांग्रेस का यह ‘संविधान बचाओ दिवस’ अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा जनांदोलन बनने जा रहा है।
क्या विपक्ष इस बार सड़कों पर उतरकर कुछ बड़ा करने जा रहा है? आने वाला समय बताएगा।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

