मुंबई: मोटरमैनों के आंदोलन से उपजी अफरातफरी के बीच गुरुवार (6 नवंबर) शाम करीब 7 बजे सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन पर दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। ट्रेन न मिलने की आशंका में रेलवे ट्रैक पर चल रहे चार यात्रियों को अंबरनाथ फास्ट लोकल ने अपनी चपेट में ले लिया। दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आंदोलन की आड़ में बढ़ी भीड़, ट्रैक पर उतरे यात्री
सीएसएमटी पर मोटरमैनों के अचानक धरने के चलते मध्य रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। दफ्तर से लौट रहे हजारों यात्री स्टेशन पर फंस गए। ट्रेन न मिलने की अफवाह फैलते ही कुछ यात्रियों ने गलत दिशा से ट्रैक पार करना शुरू कर दिया। रेलवे अधिकारी के अनुसार, तीन महिलाएं और एक पुरुष सहित चार लोग पटरी पर आगे बढ़ रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार अंबरनाथ फास्ट लोकल आ गई।
मुंब्रा हादसे का असर, इंजीनियरों पर FIR बनी वजह
घटना से कुछ घंटे पहले ही मुंब्रा रेल दुर्घटना (9 जून) में दो इंजीनियरों के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में रेलकर्मी यूनियनों ने हड़ताल शुरू की थी। इसी कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं और स्टेशनों पर अभूतपूर्व भीड़ जमा हो गई। रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और आगे की जांच जारी है।
रेलवे की अपील: ट्रैक पार न करें
रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और ट्रैक पार करने से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन के कारण उत्पन्न असुविधा को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिए यात्रियों का सहयोग जरूरी है।
यह हादसा रेलवे की चुनौतियों को उजागर करता है, जहां कर्मचारी आंदोलन और यात्री लापरवाही ने मिलकर एक और त्रासदी को जन्म दिया।
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार

