मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर शुक्रवार सुबह अचानक रेलकर्मियों ने आंदोलन शुरू कर दिया, जिससे मध्य रेलवे की ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गईं। करीब 50-60 मोटरमैन स्टेशन परिसर में एकत्र होकर धरने पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी की। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि स्टेशन पर फंसी भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

आंदोलन की वजह: इंजीनियरों पर दर्ज FIR
रेलकर्मियों की यूनियन ने मुंब्रा रेल हादसे की आंतरिक जांच के बाद दो इंजीनियरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (IPC 304A) का मामला दर्ज करने का कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है और जब तक FIR वापस नहीं ली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
मुंब्रा हादसा: क्या हुआ था?
कुछ दिन पहले मुंब्रा के पास दो लोकल ट्रेनें ट्रैक पर ऊपर-नीचे हो जाने से एक-दूसरे के खतरनाक रूप से करीब आ गई थीं, जिससे भीषण दुर्घटना हुई। इस हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हुए।
FIR के अनुसार, भारी बारिश में ट्रैक के नीचे की मिट्टी और गिट्टी बह जाने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं की गई। आरोपी वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव और सहायक मंडल अभियंता विशाल डोलस पर लापरवाही का इल्जाम लगाया गया है।
VJTI की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बारिश के बाद पटरियों की वेल्डिंग का काम अधूरा छोड़ा गया, जिससे दोनों पटरियां असंतुलित होकर करीब आ गईं और हादसा हो गया।
रेलवे का प्रयास
रेलवे प्रशासन स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन आंदोलन के चलते ट्रेनों की आवाजाही ठप होने से हजारों यात्री प्रभावित हैं। यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की गई है।
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार (मुम्बई)

