जामनगर (गुजरात): भारतीय वायु सेना (IAF) के एक होनहार फाइटर पायलट, फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव (28) ने देश की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया। 2 अप्रैल 2025 की रात को गुजरात के जामनगर के पास एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान उनका जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे में सिद्धार्थ शहीद हो गए, जबकि उनके सह-पायलट घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए जामनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सिद्धार्थ यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले के माजरा भालखी गांव के रहने वाले थे। उनकी सगाई हाल ही में 23 मार्च 2025 को हुई थी और उनकी शादी 2 नवंबर 2025 को होने वाली थी। परिवार में खुशियों का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब यह दुखद खबर उनके घर पहुंची। सिद्धार्थ 31 मार्च को ही अपनी ड्यूटी पर लौटे थे और इस मिशन पर निकले थे।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 9:30 बजे जामनगर एयरफील्ड से उड़ान भरने के कुछ समय बाद हुआ। तकनीकी खराबी के कारण प्लेन को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। सिद्धार्थ ने अपनी सूझबूझ से प्लेन को रिहायशी इलाके से दूर ले जाकर अनगिनत लोगों की जान बचाई, लेकिन इस प्रयास में वे खुद अपनी जान गंवा बैठे। प्लेन सुवर्दा गांव के पास एक खुले मैदान में क्रैश हुआ और आग का गोला बन गया।
सिद्धार्थ यादव अपने परिवार की चौथी पीढ़ी थे, जो देश की सेना में सेवा दे रहे थे। उनके पिता सुशील यादव भी वायु सेना से रिटायर हुए हैं, जबकि उनके दादा और परदादा ने भी सेना में अपनी सेवाएं दी थीं। सिद्धार्थ ने 2016 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश लिया था और तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के बाद फाइटर पायलट बने थे। दो साल पहले उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति मिली थी।
भारतीय वायु सेना ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और एक बयान में कहा, “पायलटों ने तकनीकी खराबी का सामना करने के बाद इजेक्ट करने की कोशिश की, जिससे हवाई क्षेत्र और स्थानीय आबादी को नुकसान से बचाया जा सके। दुर्भाग्यवश, एक पायलट अपनी चोटों के कारण शहीद हो गए।” IAF ने इस हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सिद्धार्थ के बलिदान को नमन करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “जामनगर के पास वायु सेना के विमान हादसे में रेवाड़ी के माजरा (भालखी) गांव के जगुआर पायलट सिद्धार्थ यादव के शहीद होने पर मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”
सिद्धार्थ के शहीद होने की खबर से उनके गांव और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए शुक्रवार को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। देश उनके इस सर्वोच्च बलिदान को सलाम करता है और उनकी वीरता को हमेशा याद रखेगा।
विनम्र श्रद्धांजलि
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार
