पुणे/जुन्नर, 19 फरवरी 2026: आज छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थान शिवनेरी किले में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से शुरू हुई भीड़ सुबह तक इतनी बढ़ गई कि किले के संकरे रास्तों—खासकर हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा के आसपास अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घायल हो गए। कुछ लोगों को फिसलने और एक-दूसरे पर गिरने से चोटें आईं।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग एक-दूसरे पर धक्का-मुक्की करने लगे। अंबरखाना के नीचे संकरे रास्तों पर हालात बेकाबू हो गए। कई लोग चीखते-चिल्लाते सुने गए और कुछ को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। घायलों में ज्यादातर मामूली चोटें बताई जा रही हैं, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर साल शिवजयंती पर शिवनेरी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार पुलिस बल की कमी और बेहतर प्लानिंग न होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि किले के आने-जाने के रास्ते संकरे हैं, इसलिए पहले से बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिसकर्मी, मेडिकल टीम और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था की जरूरत थी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए प्रशासन की लापरवाही पर निशाना साधा।
हालांकि पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल ने भगदड़ की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “शिवनेरी किले पर रात भर से दर्शन जारी थे। सुबह एक श्रद्धालु सीढ़ियों पर फिसल गया, जिसके कारण कुछ लोग गिरे और तीन लोग घायल हुए। भगदड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई है। हमने पूरी स्थिति को नियंत्रित रखा और घायलों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया।”
पुलिस ने बताया कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई और अब स्थिति सामान्य है। लेकिन विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “फिसलने से तीन लोग घायल” जैसा बयान वास्तविकता को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए SDRF, NDRF और पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की तैनाती अनिवार्य हो।
शिवाजी महाराज की जयंती पर श्रद्धालुओं का यह उत्साह सराहनीय है, लेकिन सुरक्षा की कमी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भीड़ प्रबंधन में लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। फिलहाल किले पर दर्शन जारी हैं और पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है.
रिपोर्ट :सुरेंद्र कुमार (मुंबई)

