नई दिल्ली/पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार की मौत की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका लियरजेट 45XR विमान क्रैश हो गया था, जिसमें अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। शुरुआत में इसे सामान्य हादसा बताया गया, लेकिन अब ब्लैक बॉक्स के जलने की खबर ने पूरे मामले को साजिश की तरफ मोड़ दिया है। जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने खुलासा किया है कि विमान में लगे दोनों ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) भीषण आग में क्षतिग्रस्त हो गए। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से कुछ डेटा निकाला जा सका है, लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग अभी तक रिकवर नहीं हो पाई है।
ब्लैक बॉक्स को टाइटेनियम और स्टील की खास परतों से बनाया जाता है, जो 1100 डिग्री सेल्सियस तक की आग को एक घंटे तक झेल सकता है। समुद्र की गहराई या भीषण क्रैश में भी यह सुरक्षित रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बारामती क्रैश में आग इतनी भयानक कैसे थी कि ब्लैक बॉक्स भी जल गया? क्या यह महज हादसा था या सच छिपाने की कोशिश?

अजित पवार के बेटे जय पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर AAIB रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं होता। महाराष्ट्र की जनता को इस क्रैश की पूरी और पारदर्शी सच्चाई जानने का हक है।” जय पवार ने विमान ऑपरेटर VSR Ventures पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कंपनी पर तत्काल रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
विपक्षी नेताओं ने भी हंगामा मचा दिया। शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कहा, “ब्लैक बॉक्स जल गया? यह कैसे संभव है? 20 साल बाद भी पुराने क्रैश के ब्लैक बॉक्स मिल जाते हैं, लेकिन यहां जल गया? यह बहुत गंभीर और रहस्यमयी है।” अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने पहले ही पायलट बदलने, फ्यूल टैंक भरने और अन्य संदिग्ध बातों पर सवाल उठाए थे। अब वे साजिश का दावा मजबूत कर रहे हैं। एनसीपी (शरद गुट) ने CBI जांच की मांग की है।
अजित पवार गुट की ओर से विधायकों और नेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि क्रैश या पार्टी के आंतरिक मामलों पर कोई बयान न दें। पार्टी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया है, ताकि परिवार का नियंत्रण बना रहे। इससे एनसीपी के दोनों गुटों में विलय की कोई उम्मीद नहीं बची।
यह घटना महाराष्ट्र की सियासत के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो रही है। ब्लैक बॉक्स के डेटा रिकवरी के लिए विदेशी मदद ली जा सकती है, लेकिन सवाल बरकरार हैं—क्या सच कभी सामने आएगा या इसे हादसा बताकर दबा दिया जाएगा? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह क्रैश सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि बड़ा खेल हो सकता है। जांच जारी है, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा।
Report :Surendra Kumar

