मुंबई: क्या मुंबई की व्यस्त लोकल ट्रेनें अब मौत का दूसरा नाम बनती जा रही हैं! शनिवार शाम पीक आवर्स में, जब लाखों मुंबईकर घर लौट रहे थे, तभी विले पार्ले से बोरीवली जा रही स्लो लोकल में एक छोटी-सी बहस ने खौफनाक रूप ले लिया। मात्र 1.5 मिनट की कहासुनी में 27 साल के आरोपी ओमकार एकनाथ शिंदे ने 33 वर्षीय गणित प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह पर धारदार हथियार से ऐसा वार किया कि एक ही झटके में सब खत्म!
नया CCTV फुटेज सामने आया है – ट्रेन मलाड स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर धीमी हो रही थी। भीड़ में सब उतरने को बेताब। प्रोफेसर आलोक आगे खड़ी एक यात्री को उतरने का मौका दे रहे थे, तभी पीछे से आरोपी ओमकार शिंदे ने गुस्से में आपा खो दिया। धक्का-मुक्की हुई, बहस बढ़ी और अगले ही पल – चाकू! आरोपी ने प्रोफेसर के पेट में चाकू से वार कर दिया। खून की धार बह निकली, आलोक गिर पड़े। ओमकार भीड़ का फायदा उठाकर ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।

लेकिन मुंबई रेल पुलिस भी सोई नहीं! बोरीवली जीआरपी ने तत्काल लगभग सैकड़ों से ज्यादा CCTV कैमरों की स्कैनिंग, फेशियल रिकग्निशन और 5 टीमों की मदद से सिर्फ 12 घंटे में हत्या का आरोपी शिंदे को धर दबोचा। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज। आरोपी को 5 दिन की पुलिस रिमांड मिल चुकी है।
प्रोफेसर आलोक जौनपुर (यूपी) मूल के थे, विले पार्ले के एक नामी कॉलेज में पढ़ाते थे। उनकी पत्नी का जन्मदिन था – वो डिनर प्लान कर घर जा रहे थे। लेकिन मौत ने सब छीन लिया!
यह घटना मुंबई लोकल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। चलती ट्रेन में चाकू कैसे घुसा? जीआरपी की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है? हाल ही बीते कुछ माह पहले बोरीवली जीआरपी हद क्षेत्र राममंदिर स्टेशन पर एक महिला यात्री का 1.5 लाख का गहना लूटा गया था। अब यह खूनी वारदात – क्या मुंबईकर अब ट्रेन में भी सुरक्षित नहीं?
CCTV में कैद वह पल देखकर खून खौल उठेगा – एक छोटी बहस ने एक मासूम जिंदगी छीन ली। मुंबई की लोकल अब सिर्फ सफर नहीं, जंग बन गई है!
रिपोर्ट : सुरेंद्र कुमार

