सेक्स की चाहत सभी के मन में होती है। हर कोई चाहता है कि वह सेक्स का भरपूर आनंद उठाये। लेकिन सभी ने मन में इस दौरान तरह-तरफ के सवाल भी पैदा होते रहते है। बताना चाहेंगे कि यौन उत्‍तेजना का पहला अनुभव मस्तिष्‍क में होता है। उसके बाद सभी तंत्रिकाओं (नर्व्‍स) में खून तेजी से दौड़ने लगता है। सेक्स करने के दौरान अपने पार्टनर की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखें। जिससे आप परेशान नहीं रहेंगे।

इन सब चीजों के बाद स्‍त्री का चेहरा तमतमा उठता है। कान, नाक, आंख, स्‍तन, भगोष्‍ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फूल जाती हैं। इसके साथ ही स्त्री की योनि द्वार के अगल-बगल स्थित बारथोलिन ग्रंथियों से तरल पदार्थ निकल कर योनि पथ को चिकना बना देता है, जिससे पुरुष लिंग का गहराई तक प्रवेश आसान हो जाता है। यह

कई बार देखा जाता है कि लोग सेक्स पोजीशन को भी लेकर परेशान रहते है। ऐसे लोगो को बताना चाहते है कि पोर्न देखकर कोई ऐसी पोजीशन अपने पार्टनर के साथ ना करें। जिससे बाद में आपको परेशानी होगी। क्योंकि यह जरुरी नहीं है कि आप सारी चीजे बेहतर तरीके से कर पाएं।

कई डॉक्टर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक पुरुष का लिंग स्‍त्री योनि की गहराई तक प्रवेश नहीं करता, तब तक स्‍त्री को पूर्ण आनंद नहीं मिलता है। हालांकि उत्तेजित होने के कारण स्‍त्री के गर्भाशय ग्रीवा से कफ जैसा दूधिया गाढ़ा स्राव निकल आता है।

बताना चाहेंगे कि संभोग काल में हर स्‍त्री की चरम तृप्ति एक समान नहीं होती है। हर स्‍त्री के आर्गेज्‍म अनुभव अलग होता है। साथ ही कोई स्‍त्री अनुभव करती है कि उसका गर्भाशय एक बार खुलता फिर बंद हो जाता है। इसमें कई स्त्रियों के मुंह से सिसकारी निकलने लगती है।

यौन उत्‍तेजना के समय स्‍त्री की योनि के भीतर व गुदाद्वार के पास की पेशियां सिकुड़ जाती हैं। ये रुक-रुक कर फैलती और सिकुड़ती रहती है। यह इस बात का प्रमाण है कि स्‍त्री संभोग में पूरी तरह से संतुष्‍ट हो गई हैं। पुरुष अपने लिंग के ऊपर पेशियों के फैलने सिकुड़ने का अनुभव कर सकता है।

-यह भी बताना चाहते है कि कुछ स्त्रियों में संपूर्ण योनि प्रदेश, गुदा से लेकर नाभि तक में सुरसुराहट की तरंग उठने लगती है। कई बार यह तरंग जांघों तक चली जाती है। उस समय स्‍त्री के चरम आनंद का ठिकाना नहीं रहता। अक्सर कई बार स्त्रियों को लगता है कि उनकी योनि के भीतर गुब्‍बारे फूट रहे हैं या फिर आतिशबाजी हो रही है। यह योनि के अंदर तीव्र हलचल का संकेत है, जो स्‍त्री को सुख से भर देता है

डॉक्टर्स यह भी कहते है कि वैंडर व फिशर के अनुसार, जिस वक्‍त संभोग में स्‍त्री को आर्गेज्‍म की प्राप्ति होती रहती है उस वक्‍त उसकी आंखें मूंद जाती है, कानों के अंदर झनझनाहट उठने लगती है साथ ही कई बार हल्‍की भूख का भी अहसास होता है। कई स्त्रियों को पेशाब लग जाता है।

ज्ञात हो कि मर्दों के आर्गेज्‍म काल में उसके लिंग से वीर्य का स्राव होता है, जिसमें उसे आनंद की प्राप्ति होती है। हालांकि आर्गेज्‍म की अवस्‍था में महिला में ऐसा कोई स्राव होता है या नहीं, बहुत से स्त्रियों के गर्भाशय से कफ जैसा पदार्थ निकलता है और संपूण योनि पथ को गीला कर देता है। इस स्राव में चिपचिपाहट होती है। इन चीजों के अच्छे से ध्यान में रखिये और सेक्स का भरपुर आनंद उठाईये।